विद्यापति भवन सभागार में गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित आकाशवाणी संगीत सम्मलेन – 2025 की शुरुआत आकाशवाणी की पारंपरिक संकेत धुन के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को भारतीय संगीत की गरिमा से भर दिया। देशभर के 24 शहरों के आकाशवाणी केंद्रों द्वारा आयोजित इस वार्षिक सम्मेलन में भारतीय शास्त्रीय, सुगम और लोक-संगीत परंपरा की विविध प्रस्तुतियाँ दी गईं।
उद्घाटन सत्र में बिहार के सभी आकाशवाणी केंद्रों के क्लस्टर प्रमुख-सह-क्षेत्रीय चैनल प्रभारी हेमंत धनराज सिडाम तथा आकाशवाणी पटना की कार्यक्रम प्रमुख नंदनी वर्मा ने सभी आमंत्रित कलाकारों का स्वागत किया और सम्मान-अर्पित किया। दिल्ली से आए शास्त्रीय तबला वादक डॉ. श्याम मोहन और वरिष्ठ सरोद कलाकार स्मित तिवारी ने राग यमन की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दूसरे सत्र में बिहार के लोकप्रिय लोक-गायक मनोरंजन ओझा ने भोजपुरी लोकगीत और झूमर झूमर धुनों से सभागार में उत्साह भर दिया। वहीं बांसुरी वादक मो. सलीम और ढोलक वादक विकास कुमार, नगाड़ा पर विनोद पंडित और हमोनियम पर ॐ प्रकाश चौबे ने अपनी जुगलबंदी से कार्यक्रम को नई ऊँचाई दी। कार्यक्रम में उपस्थित सुधि श्रोताओं ने गरजदार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के समापन पर आकाशवाणी पटना की नोडल अधिकारी अलका प्रियदर्शिनी ने बताया कि सम्मेलन की प्रस्तुतियाँ देशभर के आकाशवाणी नेटवर्क पर प्रसारित की जाएँगी। साथ ही यह प्रसारण आकाशवाणी की डिजिटल सेवाओं—NewsOnAIR ऐप, रामगम चैनल (DTH), WAVES OTT प्लेटफॉर्म और Raagam YouTube चैनल पर भी उपलब्ध रहेगा।