भारतीय तकनीकी शिक्षा के शीर्ष संस्थानों में शुमार IIT बॉम्बे ने हाल ही में अपने Trust Lab के माध्यम से दो नए पेशेवर ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स—साइबरसिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट—शुरू करने की घोषणा की है। ये कार्यक्रम खास तौर पर कामकाजी पेशेवरों, इंजीनियरिंग/कंप्यूटर साइंस के अंतिम वर्ष के छात्रों और कॉलेज फैकल्टी को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं । दोनों कोर्स की अवधि 12 माह की है, जो पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में होगी, लेकिन फाइनल परीक्षा ऑन‑कैंपस प्रॉक्टर्ड रखे गए हैं, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और गंभीरता बनी रहेगी ।
IIT बॉम्बे की लीड फैकल्टी प्रोफेसर कामेश्वरी चेबरोलु ने कहा है कि यह पहल भारत में तकनीकी कौशल की कमी को दूर करने और छात्रों तथा पेशेवरों को वास्तविक उद्योग की मांगों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास है । इन प्रोग्रामों के पाठ्यक्रम तीन चरणों में संरचित होंगे, जिनमें सैद्धांतिक शिक्षा के साथ ही “हैंड्स-ऑन लैब्स” पर आधारित साप्ताहिक प्रैक्टिकल सीखने को प्राथमिकता दी जाएगी ।
IIT बॉम्बे ने इस कदम को राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी कौशल के अंतर को पाटने की अपनी रणनीति का हिस्सा बताया है, जैसे कि गृह मंत्रणा के अनुसार, भारत का साइबरसिक्योरिटी मार्केट 2025 तक 10 बिलियन डॉलर पार कर सकता है, और हर सेक्टर में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट नवाचार की रीढ़ बन चुका है । इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने पर प्रतिभागियों को IIT बॉम्बे द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके करियर प्रभावशीलता एवं अवसरों को सशक्त करेगा ।
इन प्रोग्रामों में उन नौकरियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा जो बहुत मांग में हैं, जैसे फुल‑स्टैक डेवलपर, सिक्योरिटी आर्किटेक्ट, DevSecOps इंजीनियर आदि । आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन Google Form के माध्यम से शुरू हो चुकी है और कक्षाएँ 1 सितंबर 2025 से आरंभ होने की संभावना जताई गई है ।
IIT बॉम्बे की ओर से यह पहल डिजिटल शिक्षा में रटियाँ भरने की जगह व्यावहारिक और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण देने पर जोर देती है, जो छात्रों और पेशेवरों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगी। संस्थान का मानना है कि इस तरह के उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण से भारतीय युवा वर्ग को उभरते क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी, और ये कार्यक्रम शिक्षा और कौशल विकास के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।