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IIT कानपुर और MNNIT की विशेषज्ञ टीम UP की सरकारी प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के मार्गदर्शन में जुटी

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर और मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT), प्रयागराज ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर राज्यभर की 44,499 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में एक व्यापक शिक्षा सुदृढ़ीकरण पहल शुरू की है। यह योजना ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के अंतर्गत संचालित हो रही है और इसे हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2025‑26 शैक्षणिक सत्र के लिए मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए लगभग ₹49 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है

इस पहल का उद्देश्य न केवल शिक्षकों को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता देना है, बल्कि छात्रों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी विषयों में रुचि जगाना भी है। IIT‑K और MNNIT के विशेषज्ञ नियमित शिक्षक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे और छात्रों के लिए कार्यशालाओं की व्यवस्था करेंगे, जिससे उनकी शिक्षा कौशल और नवाचार क्षमता में सुधार हो सके

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह योजना समावेशन और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करती है। इसमें शिक्षक प्रशिक्षण, परियोजना‑आधारित शिक्षण, प्रौद्योगिकीय उपकरणों का प्रभावी उपयोग और डिजिटल टूल्स को कक्षा में शामिल करना शामिल है। इस तरह की रणनीतियाँ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षण की संभावनाओं को काफी बढ़ा सकती हैं

इसी संदर्भ में, IIT कानपुर द्वारा संचालित OREI (Online Rural Education Initiative) के तहत दूरदराज के ग्रामीण विद्यालयों में विज्ञान और गणित की शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से पहुँचाई जाएगी। इस पहल में IIT‑K के छात्र स्वयंवां होंगें, जो डिजिटल कक्षाओं के माध्यम से छात्र‑शिक्षक संवाद को प्रोत्साहित करेंगे

पूर्व में, इसी परियोजना के तहत एक शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किया गया था जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले से चुने गए छात्रों को ISRO, सतीश धवन स्पेस सेंटर, IIT परिसरों, विज्ञान पार्क और संग्रहालयों का दौरा कराया गया था। इस अनुभव से बच्चों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन मिला और उन्हें शिक्षा के प्रति उत्साहवर्धक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ

ये सभी प्रयास मिलकर एक शिक्षित, तकनीकी रूप से दक्ष, और जिम्मेदार छात्र‑शिक्षक समुदाय का निर्माण कर रहे हैं। इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य तत्कालीन शिक्षण प्रणाली को समृद्ध करना और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना है।

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