उच्च शिक्षा विभाग की सुस्ती के चलते उत्तर प्रदेश में B.Ed प्रवेश काउंसलिंग अभी तक फंसी हुई है। राज्य में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (UP BEd CET) का परिणाम जारी होने के लगभग एक माह बीत चुका है, लेकिन स्नातक अंतिम वर्ष (बीए/बीएससी/बीकॉम) के परिणामों का इंतजार जारी है। कई प्रमुख विश्वविद्यालयों ने अभी तक तृतीय वर्ष के रिजल्ट घोषित नहीं किए हैं, जिसके कारण काउंसलिंग प्रक्रिया रोक दी गई है ।
बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा किया गया था और इसका परिणाम 17 जून को घोषित हुआ था। इसके बाद आते ही यूजी (Undergraduate) अंतिम वर्ष के परीक्षाफल का इंतजार शुरू हो गया, लेकिन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ जैसे विश्वविद्यालयों में अभी भी परीक्षाएं ही चल रही हैं, रिजल्ट तैयार नहीं हैं ।
राज्य उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि स्नातक तृतीय वर्ष का परिणाम 30 जून तक घोषित करें। हालांकि, विभाग द्वारा जारी किया गया शैक्षणिक कैलेंडर अभी तक ‘खानापूरी’ साबित हो रहा है क्योंकि अधिकांश विश्वविद्यालय इसका पालन नहीं कर रहे हैं.।
बीएड प्रवेश परीक्षा में कुल 3.04 लाख अभ्यर्थी सफल हुए हैं और वे सभी काउंसलिंग के आरंभ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन स्नातक अंतिम वर्ष के परिणाम न आने पर काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मौलिन्दु मिश्रा ने कहा कि विभागीय शैक्षिक कैलेंडर ‘पढ़ने के लिए’ जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन उनका कोई वास्तविक पालन नहीं होता। विश्वविद्यालयों की इस लापरवाही के कारण हजारों छात्रों की आगे की पढ़ाई अधर में लटकी हुई है ।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि विश्वविद्यालय जल्द से जल्द कंप्यूटर आधारित मूल्यांकन पूर्ण कर स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम जारी करें, ताकि काउंसलिंग चरण 15 अगस्त से पहले प्रारंभ हो सके। अगर स्थिति सुधरती नहीं है तो कई छात्राएं और छात्र इस शिक्षण सत्र से वंचित हो सकते हैं ।
राज्य सरकार से अपील है कि वह काउंसिलिंग प्रक्रिया सुचारु रूप से शुरू कराए और साथ ही उच्च शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में समयबद्ध रिजल्ट और प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित हो — ताकि छात्राओं और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।