मधेपुरा: बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की आड़ में एक बड़े संस्थागत भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। जांच से साबित हुआ है कि विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों ने अपने ही सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए, अनुभवहीन और नई कंपनियों को इंटर्नशिप का जिम्मा सौंप दिया है।
3 साल का अनुभव बनाम 50 दिन की कंपनी 13 अप्रैल 2026 को जारी निविदा (RFP) के खंड 5(i) में स्पष्ट था कि एजेंसी के पास कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। लेकिन MCA के कॉर्पोरेट डेटा के अनुसार:
सेल्फकोड अकैडमी: निगमन 25 फरवरी 2026। निविदा जमा करने के समय यह कंपनी मात्र 50 दिन पुरानी थी।
ईज़ीइंटर्न: बमुश्किल 16 महीने पुरानी।
कोहेरेंट स्ट्रेटेजिआ: मात्र 27 महीने पुरानी। एक 50 दिन पुरानी कंपनी द्वारा पुराने काम का फीडबैक जमा करना भौतिक रूप से असंभव है। यह स्पष्ट धोखाधड़ी है, फिर भी कुलपति और कुलसचिव की समिति ने इन्हें पास कर दिया।
चहेतों के लिए 5 दिन की ‘फिक्सिंग’ पारदर्शी खरीद में 21-30 दिन दिए जाते हैं, लेकिन BNMU ने आवेदन के लिए मात्र 5 दिन (13-18 अप्रैल) का समय दिया। यह साबित करता है कि फर्जी कंपनियों को पहले से जानकारी थी और असली कंपनियों को बाहर रखा गया।
‘ऑनलाइन’ इंटर्नशिप का छलावा और छात्रों की लूट चुनी गई किसी भी कंपनी के पास धरातल पर (offline) प्रशिक्षण देने का ढांचा नहीं है। मधेपुरा जैसे पिछड़े इलाके में जहां इंटरनेट एक चुनौती है, वहां ‘ऑनलाइन’ इंटर्नशिप थोपना NEP 2020 की हत्या है। चूँकि यहाँ फ्री स्थानीय उद्योगों का अभाव है, छात्रों को मजबूरी में इन कंपनियों को ₹500 फीस देनी होगी। यदि 10,000 छात्र भी इंटर्नशिप करते हैं, तो यह सीधे 50 लाख रुपये की लूट का मामला है।