पटना विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग (MJMC) के द्वितीय सेमेस्टर के लगभग 30 छात्रों ने शनिवार को एस.पी. वर्मा रोड स्थित ‘रेडियो मिर्ची’ स्टेशन का औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) किया। इस दौरान छात्रों ने न केवल रेडियो की कार्यप्रणाली को करीब से देखा, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों से सीधा संवाद भी किया।
यह भ्रमण बेहद संवादात्मक रहा, जहाँ छात्रों ने आरजे (RJ) शशि के साथ एक लंबा सत्र बिताया। आरजे शशि ने छात्रों को रेडियो की दुनिया के व्यावहारिक पहलुओं से रूबरू कराया।
छात्रों ने सीखा कि कैसे अपनी आवाज के उतार-चढ़ाव के जरिए श्रोताओं की भावनाओं को प्रभावित किया जाता है। आरजे शशि ने बताया कि रेडियो पर केवल बोलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शब्दों में सही भाव भरना भी एक कला है।
छात्रों ने रेडियो इंडस्ट्री में रोजगार की संभावनाओं पर कई सवाल किए। इस दौरान बताया गया कि रेडियो केवल ‘आरजे’ बनने तक सीमित नहीं है; यहाँ रेडियो प्रोग्रामिंग, साउंड इंजीनियरिंग, कंटेंट राइटिंग और म्यूजिक शेड्यूलिंग जैसे क्षेत्रों में भी करियर के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं।
क्लासरूम में पढ़ी गई ‘थ्योरी’ को लाइव स्टूडियो और कंसोल पैनल के सामने देखना छात्रों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं था। छात्रों ने साझा किया कि ट्रांसमिशन और लाइव ब्रॉडकास्टिंग की बारीकियों को समझना उनके लिए एक नया अनुभव था।
इस परिभ्रमण का आयोजन प्रोफेसर डॉ. गौतम कुमार के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। वास्तविक समझ तभी विकसित होती है जब आप फील्ड में जाकर विशेषज्ञों से मिलते हैं और कार्यस्थल के माहौल को अनुभव करते हैं।”
वहीं, विभाग के समन्वयक डॉ. रमेश कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विभाग निरंतर ऐसे औद्योगिक दौरों का आयोजन करता रहता है ताकि छात्र किताबी सिद्धांतों के साथ-साथ व्यावहारिक आयामों में भी निपुण बन सकें।