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राष्ट्रीय खेल नीति 2025 को कैबिनेट की मंजूरी: भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
Published
11 months agoon

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल नीति 2025 (NSP 2025) को मंजूरी दे दी है। यह नीति भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। इसके माध्यम से देश में खेल के प्रति जनचेतना को प्रोत्साहित करने, युवाओं को सशक्त बनाने और 2036 ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की भागीदारी को मजबूती देने की रणनीति तय की गई है।
इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को खेल के माध्यम से सशक्त बनाना और खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है। यह नीति पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: वैश्विक मंच पर उत्कृष्टता, आर्थिक विकास के लिए खेल, सामाजिक विकास के लिए खेल, खेल को जनांदोलन बनाना, और शिक्षा से एकीकरण। नीति में ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में खेल ढांचे के विकास, प्रतिभा पहचान और प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय खेल नीति 2025 खेल को आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक उभरते हुए क्षेत्र के रूप में देखती है। इसमें खेल पर्यटन, स्टार्टअप और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और CSR के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने की योजनाएँ शामिल हैं। इसके अलावा नीति में पारंपरिक भारतीय खेलों के संरक्षण और प्रोत्साहन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
नीति सामाजिक समावेशन की दिशा में भी प्रभावी पहल करती है। महिलाओं, वंचित वर्गों, आदिवासियों और दिव्यांगजनों के लिए खेलों में भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है। खेलों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने के प्रावधान भी इस नीति में शामिल हैं, जिससे खेल एक व्यवहारिक करियर विकल्प बन सके।
NSP 2025 को लागू करने के लिए एक रणनीतिक ढांचा प्रस्तावित किया गया है जिसमें प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग, प्रदर्शन ट्रैकिंग, राष्ट्रीय निगरानी ढांचा, और राज्यों के लिए मॉडल नीति तैयार करने जैसे कदम शामिल हैं। यह नीति समूचे सरकारी तंत्र को खेल को बढ़ावा देने के लिए एकजुट करती है।
यह नई खेल नीति भारत को न केवल खेलों में वैश्विक नेतृत्व दिलाने का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि देश के नागरिकों को अधिक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति भारत के खेल भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
Madhuyanka Raj is a poet, writer, and journalist whose work bridges the worlds of literature and contemporary reportage. With a voice rooted in both lyrical introspection and investigative clarity, Madhuyanka has published poetry in acclaimed literary journals and contributed features, essays, and reportage to a range of national and international publications. Their writing explores themes of identity, social justice, and the human condition, often blending narrative depth with poetic nuance. Madhuyanka is passionate about telling stories that challenge, illuminate, and inspire. When not chasing a deadline or crafting verse, they often speak at literary festivals and lead workshops on creative writing and journalistic integrity.
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