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ओडिशा के कॉलेजों में लागू होगी ‘शक्तिश्री’ योजना, छात्राओं को मिलेगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण और डिजिटल सुरक्षा
Published
11 months agoon

ओडिशा सरकार ने महिला छात्रों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल ‘शक्तिश्री’ शुरू की है, जो राज्य के 16 विश्वविद्यालयों और 730 सरकारी एवं सहायता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू होगी। यह कार्यक्रम न केवल छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देगा, बल्कि शारीरिक, मानसिक, कानूनी और डिजिटल रूप से उन्हें सुरक्षित बनाने का व्यापक प्रयास करेगा, साथ ही कॉलेज परिसरों को भी ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाएगा।
‘शक्तिश्री’ योजना के तहत हर महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में एक स्थायी सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी, जिसके संचालन की जिम्मेदारी ‘शक्तिश्री साथी’ (एक छात्रा) और ‘शक्तिश्री संयोजिका’ (एक महिला शिक्षक) साझा करेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक जिले के कलेक्टर द्वारा पांच प्रतिष्ठित महिला पेशेवर ‘शक्ति आपा’ के रूप में नियुक्त की जाएंगी, जो त्रैमासिक रूप से परिसरों का दौरा करके छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।
स्वतंत्र शिकायत दर्ज कराने, सहायता प्राप्त करने और जानकारी जुटाने के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया जाएगा जो २४×७ उपलब्ध होगा। छात्राएं इस एप के माध्यम से गुमनाम शिकायत दर्ज करा सकेंगी और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पहल ‘टेली‑मानस’ के जरिए मनोवैज्ञानिक सहायता भी पा सकेंगी। साथ ही, शिक्षण और गैर‑शिक्षण कर्मचारियों के लिए आचार संहिता, लैंगिक संवेदनशीलता पर SAFE अभियान, वार्षिक परिसर सुरक्षा रिपोर्ट, तथा सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी ।
समग्र सुरक्षा के लिए POSH अधिनियम, 2013 और UGC नियमावली, 2015 पर आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम और ‘शक्ति स्वरूपिणी’ नामक एक दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में राज्य भर के सभी साथी और संयोजिका मिलकर प्रशिक्षण लेंगे और अपनी चुनौतियाँ साझा करेंगे ताकि योजना को निरंतर बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह पहल अल्पकालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि “एक मजबूत और जवाबदेह ढांचा” है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों को भयपूर्ण परिसर से ज्ञान के सुरक्षित केंद्र में बदल देगी। उन्होंने खासतौर पर बलासोर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति से बचना है और राज्य के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में भरोसे का वातावरण स्थापित करना है ।
इन सभी उपायों के एकीकृत कार्यान्वयन से छात्राएं शारीरिक, मानसिक, कानूनी और डिजिटल रूप से सुरक्षा का अनुभव करेंगी। आत्मरक्षा प्रशिक्षण से उन्हें विश्वास मिलेगा, मोबाइल एप और शिकायत प्रणाली से वे अपनी आवाज उठा पाएंगी, और स्व‑नियमन तंत्र एवं निगरानी से पूरे परिसरों का माहौल और भी सुरक्षित बनेगा। इस पहल से ओडिशा का हर उच्च शिक्षा संस्थान एक सुरक्षित और समावेशी सीखने का स्थान बन सकेगा।
Madhuyanka Raj is a poet, writer, and journalist whose work bridges the worlds of literature and contemporary reportage. With a voice rooted in both lyrical introspection and investigative clarity, Madhuyanka has published poetry in acclaimed literary journals and contributed features, essays, and reportage to a range of national and international publications. Their writing explores themes of identity, social justice, and the human condition, often blending narrative depth with poetic nuance. Madhuyanka is passionate about telling stories that challenge, illuminate, and inspire. When not chasing a deadline or crafting verse, they often speak at literary festivals and lead workshops on creative writing and journalistic integrity.
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