Bihar
मधुबनी में राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2025 का भव्य आयोजन
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5 months agoon

कला, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम बना दो दिवसीय युवा महोत्सव
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा मधुबनी जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में 23 और 24 दिसंबर 2025 को मधुबनी जिले के प्रतिष्ठित वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में राज्य भर के युवाओं ने अपनी रचनात्मकता, प्रतिभा और नवाचार का अद्भुत प्रदर्शन कर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप प्रदान किया।
इस राज्य स्तरीय आयोजन में बिहार के सभी 38 जिलों से चयनित कुल 1202 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगियों ने कुल सात विधाओं—कहानी लेखन, कविता लेखन, चित्रकला, वक्तृता, समूह लोक गायन, समूह लोक नृत्य एवं नवाचार/विज्ञान मेला—में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रचनात्मक मंच प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
सांस्कृतिक चेतना और युवा ऊर्जा का संगम
उद्घाटन सत्र में बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों एवं संस्कृति प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि युवा उत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का सशक्त माध्यम है, जो युवाओं में आत्मविश्वास, सामाजिक चेतना और रचनात्मक सोच को विकसित करता है।
पूरे दो दिनों तक वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर कला, संगीत और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर रहा। हर कोने में युवा प्रतिभाओं की सृजनात्मकता देखने को मिली। कहीं लोकगीतों की मधुर गूंज सुनाई दी तो कहीं रंगों के माध्यम से सामाजिक यथार्थ को उकेरती चित्रकलाएं दर्शकों को आकर्षित करती रहीं।
सात विधाओं में प्रतिभा का प्रदर्शन
प्रतियोगिताओं में कहानी लेखन और कविता लेखन जैसी साहित्यिक विधाओं में युवाओं ने समाज, संस्कृति, संवेदना और समकालीन चुनौतियों को प्रभावशाली शब्दों में पिरोया। वहीं वक्तृता प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सामाजिक सरोकार, लोकतंत्र, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपने विचार सशक्त रूप से प्रस्तुत किए।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से जीवंत किया। समूह लोक गायन एवं समूह लोक नृत्य प्रतियोगिताओं ने दर्शकों को बिहार की विविध लोक परंपराओं से रूबरू कराया। वहीं नवाचार/विज्ञान मेला में युवाओं ने तकनीक आधारित नवाचारों और सामाजिक समस्याओं के समाधान प्रस्तुत कर अपनी वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया।
पटना जिला का शानदार प्रदर्शन
इस राज्य स्तरीय युवा उत्सव में पटना जिले के प्रतिभागियों ने विशेष उपलब्धि हासिल की। समूह लोक गायन प्रतियोगिता में पटना जिला के दल ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी सामूहिक गायन प्रस्तुति में लोक संस्कृति की आत्मा, लय और भावनात्मक गहराई स्पष्ट रूप से झलक रही थी। इस जीत के साथ ही पटना जिला का यह दल अब राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले युवा उत्सव में बिहार का प्रतिनिधित्व करेगा।
यह उपलब्धि न केवल पटना जिले के लिए बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है। निर्णायक मंडल ने भी उनके समन्वय, सुर ताल की शुद्धता और प्रस्तुति की मौलिकता की सराहना की।
कहानी लेखन में शिवम् कश्यप की उल्लेखनीय सफलता
राज्य स्तरीय युवा उत्सव में पटना विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र शिवम् कश्यप ने कहानी लेखन प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। उनकी कहानी ने सामाजिक संवेदनाओं, मानवीय मूल्यों और यथार्थपरक दृष्टिकोण के कारण निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवम् कश्यप ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणास्रोत है और भविष्य में और बेहतर लेखन करने का उत्साह प्रदान करती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रोफेसर रचना सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रोफेसर डॉ. गौतम कुमार के कक्षा व्याख्यानों को दिया। शिवम् ने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें लेखन की तकनीकी समझ, विचारों की स्पष्टता और विषय की गहराई विकसित करने में मदद की।
शिक्षकों और संस्थानों की भूमिका
इस अवसर पर यह भी स्पष्ट हुआ कि शैक्षणिक संस्थानों की सकारात्मक भूमिका किस प्रकार छात्रों की प्रतिभा को निखारने में सहायक होती है। पटना विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने न केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि विद्यार्थियों को रचनात्मक मंचों पर अपनी प्रतिभा आज़माने के लिए भी प्रेरित किया।
विभाग के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए लेखन को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी, जिसका प्रतिफल इस प्रतियोगिता में देखने को मिला।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास
राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2025 न केवल एक प्रतियोगिता रहा, बल्कि यह बिहार की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभा को सहेजने का एक सशक्त मंच बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि बिहार की युवा पीढ़ी में रचनात्मकता, नवाचार और नेतृत्व की अपार क्षमता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों और सहयोगी संस्थानों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्वरूप देने की बात कही।
निष्कर्ष
मधुबनी में आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2025 ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर भी प्रदान किया। यह आयोजन निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में बिहार की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
Madhuyanka Raj is a poet, writer, and journalist whose work bridges the worlds of literature and contemporary reportage. With a voice rooted in both lyrical introspection and investigative clarity, Madhuyanka has published poetry in acclaimed literary journals and contributed features, essays, and reportage to a range of national and international publications. Their writing explores themes of identity, social justice, and the human condition, often blending narrative depth with poetic nuance. Madhuyanka is passionate about telling stories that challenge, illuminate, and inspire. When not chasing a deadline or crafting verse, they often speak at literary festivals and lead workshops on creative writing and journalistic integrity.
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