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Bihar

Bihar Leads the Nation: Poshan Pakhwada 2026 Concludes with Major Milestones

Prachi Sharma

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The ICDS Directorate of Bihar celebrated the successful conclusion of Poshan Pakhwada-2026 today at Gyan Bhawan, Patna. The state-level workshop served as a platform to announce that Bihar has secured the first position in the country for its nutritional initiatives, maintaining the momentum from its previous top ranking during Poshan Maah-2025.
​Honorable Deputy Chief Minister (Social Welfare), Bihar, attended as the Chief Guest, joined by the Secretary of the Social Welfare Department and senior ICDS officials. The event highlighted a massive community effort, with over 7.1 million (71 lakh) activities conducted across districts, blocks, and villages to turn nutrition into a “Jan Andolan” (people’s movement).
​A significant highlight of the day was the release of updated health data. According to the March 2026 Poshan Tracker, Bihar has seen a dramatic improvement in child health indicators:
​Stunting: Reduced from 42.9% (NFHS-5) to 40.60%.
​Underweight: Drastically dropped from 41% (NFHS-5) to 19.2%.
​Wasting: Improved from 22.9% (NFHS-5) to 7.7%.

Prachi Sharma is a dynamic journalist and anchor known for her insightful reporting and engaging on-screen presence. With a strong command over storytelling and a flair for content creation, she brings clarity and depth to every piece she presents. Prachi’s versatile skills extend beyond journalism—her ability to craft compelling written content makes her a valuable voice in the media landscape. Whether on camera or behind the scenes, she is committed to delivering impactful narratives that inform, inspire, and connect with audiences.

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डिजिटल बिहार: अब व्हाट्सएप के जरिए अभिभावकों को मिलेगी बच्चों के पोषण और शिक्षा की जानकारी

Prachi Sharma

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आज के डिजिटल युग को देखते हुए ICDS बिहार ने “ICDS: हमारे बच्चे, हमारा परिवार” नाम से एक व्हाट्सएप कम्युनिटी चैनल लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण, देखभाल और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सीधे परिवारों के मोबाइल तक पहुँचाना है।
​कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 6 वर्ष की आयु से पहले ही हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष का संदेश है— “बचपन के पहले 6 साल, पोषण और पढ़ाई के लिए हैं बेमिसाल”।
​इसी कड़ी में, जिन बच्चों ने आंगनवाड़ी केंद्रों में अपनी 6 वर्ष की आयु और स्कूल-पूर्व शिक्षा पूरी कर ली है, उन्हें माननीय मंत्री महोदय द्वारा ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र’ वितरित किए गए। यह प्रमाण पत्र बच्चों के औपचारिक शैक्षणिक जीवन की एक सुखद शुरुआत का प्रतीक है।

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“कोई भी बच्चा पीछे न छूटे”: बिहार में दिव्यांगता की पहचान के लिए नई पहल शुरू

Prachi Sharma

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​बाल विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार सरकार ने दिव्यांगता प्रोटोकॉल और दिव्यांगता जांच अनुसूची (DSS) का औपचारिक शुभारंभ किया है। इसका मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष के बच्चों में विकासात्मक विलंब और दिव्यांगता की समय पर पहचान करना है।

​DSS क्या है?
यह एक सरल और मानकीकृत चेकलिस्ट है जिसके माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के विकास से जुड़े 6 प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी करेंगी:
1. ​मोटर विकास और शारीरिक गतिविधियाँ।
2. ​भाषा और संचार कौशल।
​ 3. संज्ञानात्मक (मानसिक) विकास।
​ 4. सामाजिक और भावनात्मक व्यवहार।
​ 5. दृष्टि और श्रवण क्षमता।
​इसके साथ ही एक मजबूत रेफरल प्रणाली भी बनाई गई है, जो आंगनवाड़ी केंद्रों को आशा, एएनएम, RBSK टीम और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) से जोड़ेगी। इससे सुनिश्चित होगा कि हर बच्चे को समय पर सही इलाज और सहायता मिल सके।

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बिहार का डंका: ‘पोषण पखवाड़ा-2026’ में देशभर में अव्वल रहा राज्य

Prachi Sharma

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बिहार सरकार के ICDS निदेशालय द्वारा आज ज्ञान भवन, पटना में पोषण पखवाड़ा-2026 का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर यह घोषणा की गई कि पोषण माह-2025 की सफलता को दोहराते हुए बिहार एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर पहुँच गया है। कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री (समाज कल्याण) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

​राज्य में पोषण को एक ‘जन आंदोलन’ का रूप देते हुए पूरे बिहार में लगभग 71 लाख से अधिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। मार्च 2026 के ‘पोषण ट्रैकर’ के आँकड़ों ने राज्य की प्रगति पर मुहर लगा दी है:

​ 1. स्टंटिंग (उम्र के अनुसार कम लंबाई): NFHS-5 के 42.9% से घटकर अब 40.60% पर आ गई है।

2. ​अंडरवेट (उम्र के अनुसार कम वजन): जो पहले 41% थी, वह अब प्रभावी रूप से घटकर 19.2% रह गई है।

3. ​वेस्टिंग (लंबाई के अनुसार कम वजन): 22.9% से घटकर अब मात्र 7.7% दर्ज की गई है।

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