Connect with us

Education

UGC Two Courses Guidelines 2025

Rohan Priyadarshi

Published

on

image of students

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य शिक्षा को अनुभवात्मक, समग्र, एकीकृत, खोज-आधारित, लचीला, और आनंददायक बनाना है। यह नीति रचनात्मक संयोजन, कई प्रवेश और निकास विकल्प, और जीवनभर सीखने के अवसर प्रदान करने हेतु लचीली पाठ्यक्रम संरचना का समर्थन करती है।

उच्च शिक्षा की बढ़ती माँग और सीमित सीटों के कारण, कई विश्वविद्यालयों ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ऑनलाइन कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इस संदर्भ में, UGC ने दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को एक साथ करने की अनुमति देने हेतु दिशा-निर्देश तैयार किए हैं।

उद्देश्य:

इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य NEP 2020 की भावना के अनुरूप छात्रों को एक साथ दो कार्यक्रमों में पढ़ाई करने की अनुमति देना है। उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. प्रत्येक छात्र की विशिष्ट क्षमताओं की पहचान और विकास को बढ़ावा देना।
  2. कला-विज्ञान, पाठ्य व सह-पाठ्य गतिविधियों, व्यावसायिक और शैक्षणिक धाराओं के बीच की रेखाएं मिटाना।
  3. बहुविषयी और समग्र शिक्षा को प्रोत्साहन देना।
  4. छात्रों में नैतिक, वैज्ञानिक और रचनात्मक सोच का विकास करना।
  5. छात्रों को स्वतंत्र, समृद्ध और उद्देश्यपूर्ण जीवन हेतु तैयार करना।

दिशा-निर्देश:

  1. दो पूर्णकालिक (फुल टाइम) पाठ्यक्रम एक साथ तभी किए जा सकते हैं जब उनके क्लास के समय आपस में न टकराएं
  2. एक छात्र एक फुल टाइम फिजिकल मोड और एक ओपन एंड डिस्टेंस/ऑनलाइन मोड कार्यक्रम या फिर दो ओडीएल/ऑनलाइन मोड कार्यक्रम एक साथ कर सकता है।
  3. ओडीएल/ऑनलाइन कार्यक्रम केवल उन्हीं संस्थानों से किए जा सकते हैं जो UGC/सरकारी परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त हों।
  4. ऐसे कार्यक्रम UGC तथा संबंधित वैधानिक/व्यावसायिक परिषदों के नियमों के अधीन संचालित होंगे।
  5. यह दिशा-निर्देश उनकी अधिसूचना की तारीख से प्रभावी होंगे

हालांकि, अधिसूचना से पहले यदि कोई छात्र UGC की डिग्री नियमों और संबंधित विश्वविद्यालय के नियमन के अनुसार दो कार्यक्रम एक साथ कर चुका है, तो उसे वैध माना जाएगा

अतिरिक्त बिंदु:

  • ये दिशा-निर्देश केवल स्नातक और परास्नातक स्तर के लिए लागू हैं, पीएच.डी. कार्यक्रमों पर लागू नहीं होंगे।
  • विश्वविद्यालय इन दिशा-निर्देशों के आधार पर अपने स्तर पर तंत्र विकसित कर सकते हैं

यह रहा UGC के नवीन दिशा-निर्देशों पर आधारित एक हिंदी लेख, जो समाचार पत्र, पत्रिका, या शैक्षणिक पोर्टल में प्रकाशित करने योग्य है:

एक साथ दो डिग्री करना अब संभव: UGC के नए दिशा-निर्देशों से छात्रों को मिलेगा लाभ

लेखक: [आपका नाम]

प्रकाशन तिथि: [तारीख]

नई दिल्ली। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने अप्रैल 2025 में दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को एक साथ करने की अनुमति देने वाले संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जो शिक्षा को लचीला, समावेशी और बहु-विकल्पीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

क्या कहते हैं दिशा-निर्देश?

इन नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • छात्र दो पूर्णकालिक (फुल-टाइम) पाठ्यक्रम एक साथ कर सकते हैं, बशर्ते दोनों के कक्षाओं के समय में टकराव न हो।
  • छात्र एक फुल-टाइम कार्यक्रम और एक ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL)/ऑनलाइन कार्यक्रम या दो ODL/ऑनलाइन कार्यक्रम भी एक साथ कर सकते हैं।
  • ODL/ऑनलाइन कार्यक्रम केवल उन्हीं विश्वविद्यालयों से किए जा सकते हैं जो UGC/सरकारी परिषदों द्वारा मान्यता प्राप्त हों।
  • ये दिशा-निर्देश स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) पाठ्यक्रमों पर लागू होंगे, Ph.D. को छोड़कर।

उद्देश्य: लचीलापन और व्यापक शिक्षा

UGC के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार बहुविषयी और समग्र शिक्षा देने का अवसर प्रदान करना है। यह कदम छात्रों को एक साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य, तकनीकी और व्यावसायिक विषयों में दक्षता प्राप्त करने का मौका देगा।

पुराने छात्रों को भी राहत

जो छात्र इन दिशा-निर्देशों की अधिसूचना से पहले ही दो पाठ्यक्रम एक साथ कर चुके हैं, और जिन्होंने UGC तथा संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों का पालन किया है, उनकी डिग्रियाँ भी वैध मानी जाएंगी।

उच्च शिक्षा में नई संभावनाएँ

इस कदम से अब छात्र एक ही समय में, उदाहरण के लिए, बी.ए. के साथ-साथ वेब डिजाइन में डिप्लोमा या बी.कॉम. के साथ डेटा साइंस में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। यह उनके कौशल में विविधता लाएगा और नौकरी की संभावनाओं को बेहतर बनाएगा।

विश्वविद्यालयों को मिलेगा लचीलापन

UGC ने सभी विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया है कि वे अपने वैधानिक निकायों के माध्यम से इन दिशा-निर्देशों को लागू करें और छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करें।

निष्कर्ष

भारत में उच्च शिक्षा के इतिहास में यह कदम छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की ओर एक बड़ा बदलाव है। यह न केवल छात्रों को अपने समय का बेहतर उपयोग करने देगा, बल्कि अंतरविषयक शिक्षा को भी बढ़ावा देगा, जो कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है।

यदि सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह पहल भारत को वैश्विक शिक्षा मानकों के और करीब लाएगी।

 

Roahn Priyadarshi is a journalist, content creator, and video editor with a passion for storytelling across digital platforms. With a sharp eye for detail and a creative approach to multimedia production, Roahn blends journalistic integrity with compelling visuals to engage and inform audiences. Whether reporting on current events, creating impactful video content, or crafting narratives for social media, he brings a dynamic and versatile voice to every project.